इस गार्डन को पुरजन विहार के नाम से भी जाना जाता है। इस बगीचे में आपको बहुत सारी जगह देखने के लिए मिलती है। इस गार्डन में शिमला ग्रीन हाउस देखने के लिए मिलता है। शिमला ग्रीन हाउस में आपको गर्मी में भी ठंडी का अहसास होता है। इसलिए यहां के लोकल लोग इसे समर हाउस के नाम से भी जानते हैं। इसे महाराजा मंगल सिंह ने बनवाया था।
यह छतरियां करौली और संगमरमर से बनी हुई है। इन छतरी की आकृति बहुत सुंदर लगती है। मूसी महारानी की छतरी का निर्माण महाराजा विनय सिंह ने अपने पिता महाराजा बख्तियार सिंह और उनकी पत्नी मूसी रानी की स्मृति में महल के पीछे सागर तट पर करवाया था। यहां पर आपको और भी बहुत सारी जगह देखने के लिए मिल जाती है, जो ऐतिहासिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
इस संग्रहालय में आपको विभिन्न प्रकार की प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखने के लिए मिल जाता है। राजकीय संग्रहालय अलवर में आपको बहुत सारे हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फारसी, भाषा में लिखे हुए हस्तलिखित ग्रंथ देखने के लिए मिलते हैं। मुगल और राजस्थानी चित्र, वाद्य यंत्र, वस्त्र, गहने, हथियार, चंदन और हाथी दांत से बने कलात्मक वस्तुएं, ऐतिहासिक तलवार, शो पीस, वन्य जीव का संग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको पत्थर की मूर्तियां, ढोल देखने के लिए मिलता है।
यह महल अरावली पर्वत श्रंखला की तलहटी पर बना हुआ है। यह महल बहुत सुंदर है। महल में आपको खूबसूरत छतरियां देखने के लिए मिलती है, जो अलग-अलग डिजाइन में है। महल के पीछे आपको तालाब देखने के लिए मिलता है। इस महल का निर्माण राजा बख्तियार सिंह ने 1793 में करवाया था। यह महल indo-islamic वास्तुकला का एक मुख्य उदाहरण है।
यह कुंड अरावली पर्वत श्रेणी पर स्थित है। यहां पर आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर कृष्ण भगवान जी, शंकर भगवान जी का मंदिर बना हुआ है। यहां पर चारों तरफ सुंदर पहाड़ी है। बरसात में यहां पर जलप्रपात देखने के लिए मिलता है।
यह किला अरावली पर्वत श्रेणी में सबसे ऊंची शिखर पर स्थित है। यह किला प्राचीन है। इस किले को अलवर किले के नाम से भी जाना जाता है। इस किले में प्रवेश करने के लिए 6 प्रवेश द्वार है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यह किला बहुत सुंदर है। यह किला अच्छी कंडीशन में बना हुआ है। किले के अंदर आपको जलाशय, बावड़ी, महल देखने के लिए मिल जाते हैं।
मंदिर के गर्भ गृह में हनुमान जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर अरावली पर्वत के ऊपरी सिरे में बाला किले के पास में स्थित है।
करणी माता मां दुर्गा का ही अवतार है। यहां पर गर्भगृह माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर का गर्भ ग्रह बहुत सुंदर है। पूरा गर्भगृह कांच से सजा हुआ है। पूरे गर्भगृह में कांच का सुंदर काम देखने के लिए मिलता है।
यहां पर चारों तरफ ऊंचे ऊंचे पहाड़ देखने के लिए मिलते हैं और बीच में यह मंदिर बना हुआ है। मंदिर के गर्भ गृह में नारायणी माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर का गर्भ ग्रह रंगीन कांच से सजा हुआ है। नारायणी माता मंदिर में दो कुंड देखने के लिए मिलते हैं। इन कुंडों का पानी प्राकृतिक तरीके से आता है।
यहां पर टाइगर को संरक्षित करके रखा गया है। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप अगर घूमने के लिए आते हैं, तो आपको जिप्सी की बुकिंग करवानी पड़ती है, जिसके लिए आप ऑनलाइन जाकर जिप्सी की बुकिंग करवा सकते हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व में एंट्री करने के लिए दो गेट है। सरिस्का टाइगर रिजर्व अलवर से करीब 35 किलोमीटर दूर है।
सिलीसेढ़ महल पहाड़ों के बीच में बना है, जिसे देखकर ऐसा लगता है, कि जैसे यह पहाड़ों के बीच में लटका हुआ है। सिलीसेढ़ महल के पास ही सिलीसेढ़ झील देखने के लिए मिलती है,सिलीसेढ़ झील में मगरमच्छ भी है।
भानगढ़ का किला एक प्राचीन स्थल है। भानगढ़ का किला पूरे भारत में प्रसिद्ध है। भानगढ़ का किला भारत की भूतिया जगह में से एक है। कहा जाता है, कि इस किले में रात के समय कोई भी नहीं रुकता है, क्योंकि इस किले में भूत रहते हैं। इस किले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जो प्राचीन हैं और बहुत सुंदर है। आपको यहां किले के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। भानगढ़ नगर की स्थापना आमेर के राजा भगवत दास जी ने 16वीं शताब्दी में की थी, जिसे बाद में राजा मान सिंह के भाई माधो सिंह की रियासत की राजधानी बना दिया गया था।
यह झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। इस झील के किनारे आपको बहुत सारे सुंदर छतरियां देखने के लिए मिलती है, जो रेड सेंडस्टोन से बनी हुई है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और अपना बहुत अच्छा समय बिता सकते हैं। इस झील का निर्माण पानी को एकत्र करने के लिए किया गया था।
चारों तरफ प्राकृतिक वातावरण में, सुंदर गार्डन देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको तालाब, झरना, पहाड़, का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां वॉच टावर और ट्रीहाउस भी बना हुआ है, जो बहुत सुंदर लगता है। आप यहां पर आकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर आपको जंगली जानवर भी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर आयुर्वेदिक प्लांट लगाए गए हैं। यह जगह अरावली पर्वत के बीच में स्थित है।