चित्तौडग़ढ़ किला

उत्तरभारत के सबसे महत्वपूर्ण किलो में से एक हे। जो की राजपूतों की सस्कृति और मूल्यों को दर्शाता हे जो वीरता और बलिदान की कहानियो के साथ आज भी खड़ा है.इस किले का निर्माण 7वीं शताब्दी ईशापूर्व मौर्यकाल के दौरान किया गया था. 

रानी पद्मावती पैलेस

इस प्लेस के बहार सुन्दर धरोवर है कहां जाता हे सुल्तान अलाउलझीं खिलजी ने रानी पद्मावती की सुंदरता को इसी धरोहर से देखी थी. उनकी सुंदरता को देखकर पाने की इच्छा हो गई.अंत में युद्ध भी हुवा और रानी Padmavati ने जौहर किया अपने रक्षा और सम्मान के लिए इस महल की वास्तुकला अध्भुत है। 

राणा कुम्भा महल

इस महल में राणा कुम्भा ने अपना शाही जीवन बिताया था। इस महल की वास्तुकला पर्यटकों को बहुत ही आकर्षित करती है जो की Chittorgarh Beautiful Places में पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाने वाली जगह हे. परिसर का लाइट एव साउंड लोगो को बेहद पसंद आता है 

विजय स्तम्भ

मेवाड़ के माहराजा राणा कुम्भा ने महमूद खिलजी की मालवा और गुजरात की सयुक्त सेना पर अपनी विजय के जश्न के रूप में करवाया था। इस स्तम्भ का निर्माण 15वीं शताब्दी में किया गया जोकि चित्तोड़ के सबसे आकर्ष्णा में से एक है 

कलिका माता मंदिर 

इस मंदिर की आकर्षण मूर्ति श्रद्धालुओ के साथ साथ यहां भमण करने वाले पर्यटकों को भी बेहद आकर्षित करती है वर्तमान में ये मंदिर खंडर हे लेकिन फिर भी इस मंदिर की आकर्षण कला पर्यटकों को बहुत पसंद आती हे इस मंदिर की फाटक,खम्बे,और इस मंदिर के शिकर पर जटिल खूबसूरत नकासी की गई हे 

राणा रतन सिंह पैलेस

यहां की वास्तु कला प्रवेश द्वार ,बड़ी बड़ी विशाल दीवारे भव्य प्रागण एव अन्य सभी स्थानो को देखकर हेरान रह जाते हे राणा कुम्भा प्लेस से 1किलोमीटर की दूरी पर तथा चित्तौडग़ढ़ रेलवे स्टेशन से 6किलोमीटर की दूरी पर राणा रतन सिंह पैलेस है 

गोमुख कुंड

Gomukh kund इसलिए रखा गया क्योकि यहां पर गाय के मुँह की आकार की जगह से पानी बहता हे इसलिए इसका नाम गोमुख कुंड रखा गया यहां आस पास का वातावरण आने वाले सभी पर्यटकों का मन मोह लेता हे। गोमुख कुंड से बहने वाला पानी इतना साफ दिखाई देता हे जैसे मानो बदलो से आरहा हो। 

महासती जौहर स्थल

अपने आन बान की रक्षा के लिए इसलिए यह जगह बहुत ही ख़ास है। यह हिम्मत ,वीरता ,राष्ट्रीय प्रेम तथा महिला बच्चो के बलिदान का सर्वोच्च उदारण है इस राज्य के सैनिक ,बच्चे ,महिलाओ और राजाओ ने कभी मुगलो के सामने घुटने नहीं टेके। 

मीरा मंदिर

ये मंदिर कुम्भ श्याम मंदिर के नाम से जाना जाता था उसके बाद यह मंदिर मीरा बाई मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हुवा। आपको इस मंदिर में जरूर जाना चाहिए। क्योकि यह मंदिर भी Chittorgarh Beautiful Places में से एक है